Paribhashik Padartha Sangrah (पारिभाषिक पदार्थ संग्रहः)
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Shri Ram Shastri - Sanskrit & Hindi - Bharatiya Vidya Sansthan
Paribhashik Padartha Sangrah (पारिभाषिक पदार्थ संग्रहः)
पारिभाषिक पदार्थ संग्रहः (Paribhashik Padartha Sangrah) सभी प्रकार के न्याय-वैशेषिकसम्बद्ध प्रकरण ग्रन्थों में तर्कसंग्रह चिरकाल से विद्वत् समाज में सर्वाधिक प्रतिष्ठित रहा है। इसलिए इसके ऊपर अनेक विद्वानों ने अपनी-अपनी टीकायें लिखीं। एक तर्कदीपिका नाम की टीका तो स्वयं ग्रन्थकार ने लिखी है। जो तर्कसंग्रह पर उपलब्ध कुछ प्रतिष्ठित टीकाओं में अन्यतम है, पश्चात् गोवर्द्धन नाम के विद्वान् ने एक न्यायबोधिनी नाम की टीका लिखी। इसकी शैली नव्य-न्याय वाली है। यह टीका भी पण्डित समाज द्वारा बहुत समादृत है। इनके अतिरिक्त भी नीलकण्ठ आदि की टीकायें मुद्रित और प्रकाशित हैं। इस छोटे से प्रकरण ग्रन्थ पर इतने प्रतिष्ठित विद्वानों द्वारा चिरकाल से अनेक टीकाओं की रचना से यह प्रमाणित है कि न्याय वैशेषिक दर्शन के अनेक प्रकरण ग्रन्थों में तर्कसंग्रह का महत्त्व सर्वाधिक है।
Author : Shri Ram Shastri
Publisher : Bharatiya Vidya Sansthan
Language : Sanskrit & Hindi
Edition : 1st 2004
Pages : 98
Cover : Hard Cover
ISBN : 81-87415-57-6
Size : 14 x 2 x 22 ( l x w x h )
Weight :
Item Code : BVS 0146